जापान में खिड़कियों की जाली से घुसते नन्हे काले कीड़े: जानिए क्या हैं
जापान में लोग बारिश की अगली सुबह जाली से घुस आने वाले नन्हे काले कीड़ों के बारे में पोस्ट कर रहे हैं। जानिए ये क्या हैं और इन्हें कैसे रोकें।

अगर बारिश के बाद सुबह आपको खिड़की के पास नन्हे काले कीड़े रेंगते मिले हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। अक्टूबर के आख़िर में जापान के लोग इनके बारे में ऑनलाइन पोस्ट करने लगे, और एक व्यक्ति ने लिखा, "मुझसे सच में यह बर्दाश्त नहीं हो रहा।"
ये कीड़े खिड़की की जाली के जालों से सीधे निकल जाते हैं। इस बारे में स्थानीय प्रशासन क्या कहता है, यह देखिए।
ये कीड़े क्या हैं?
इस कीड़े का नाम कुरोबाने किनोकोबाए है, जो गहरे पंखों वाले फ़ंगस गनैट (फफूंद-मच्छर) की एक किस्म है। फ़ुकुशिमा प्रान्त के इवाकी शहर के मुताबिक़ यह सिर्फ़ 1 से 2 मिलीमीटर का होता है। इसका शरीर काला से गहरा भूरा होता है।
यह पूरे साल दिख सकता है, ख़ासकर बरसात के मौसम में। इवाकी का कहना है कि उसे जाली वाले दरवाज़ों से घर में घुसते काले कीड़ों की बहुत शिकायतें मिली हैं।
गिफ़ू प्रान्त ने भी चेताया है कि ये कीड़े पतझड़ में दिख सकते हैं। तापमान 25°C से ऊपर जाने पर ये ज़्यादा सक्रिय हो जाते हैं और हाथों, पैरों और चेहरे पर रेंगते हैं।
अभी क्यों?
बारिश के बाद जब धूप वाला दिन आता है, तो ये कीड़े बड़ी संख्या में दिखते हैं। शहर के अनुसार ये भोर से सुबह तक जाली की दरारों से अंदर आते हैं।
कांतो क्षेत्र (टोक्यो के आसपास का इलाका) में 4 और 5 नवंबर को बारिश हुई। 6 नवंबर को मध्य टोक्यो में अधिकतम 25°C तापमान का पूर्वानुमान था। यही मौसम इन कीड़ों को पसंद है।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कहा कि वे खिड़कियाँ नहीं खोल पा रहे, क्योंकि कीड़े जाली से निकल आते हैं। एक व्यक्ति ने लिखा कि हर सुबह खिड़की के पास सैकड़ों पड़े होते हैं। एक और ने कहा कि बारिश की वजह से इनका भारी प्रकोप हो गया है।
इन्हें कैसे रोकें?
इवाकी और गिफ़ू दोनों कहते हैं कि बुनियादी नियम है इन्हें अंदर आने से रोकना। उनकी सलाह:
- खिड़कियाँ बंद रखें।
- दरवाज़े कम से कम खोलें और बंद करें।
- वेंटिलेशन पंखों का इस्तेमाल न करें।
- गमले और प्लांटर घर के अंदर न लाएँ।
- खिड़की के फ्रेम के आसपास की दरारों को गैप-सीलिंग टेप से बंद करें।
यह छोटा कीड़ा है, पर ज़िद्दी है। बारिश के बाद अगली धूप वाली सुबह से पहले कुछ आसान कदम आपको परेशानी से बचा सकते हैं।



