सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा का कोटिया मामला यथास्थिति आदेश के साथ निपटाया
30 मार्च 2006 को सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा की कोटिया याचिका निपटाई और विवादित गांवों के प्रशासन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
30 मार्च 2006 को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा द्वारा दायर कोटिया मामले को निपटा दिया। कोटिया ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित पहाड़ी गांवों का समूह है। ओडिशा ने इस इलाके में आंध्र प्रदेश की बढ़ती प्रशासनिक मौजूदगी को अदालत में चुनौती दी थी।
अदालत ने यह तय नहीं किया कि गांव किस राज्य के हैं। उसने मामला यथास्थिति (स्टेटस को) के आदेश के साथ निपटाया, यानी विवादित गांवों का प्रशासन उसी स्थिति में रहना था जैसा उस समय था। सीमा का मूल प्रश्न अनसुलझा रहा।
यह आदेश इसलिए अहम रहा कि इसने विवाद को सुलझाया नहीं, केवल थाम दिया। कोटिया पर दोनों राज्य दावा करते हैं और निवासियों का अधिकारियों, कल्याण योजनाओं और चुनावों के लिए दोनों ओर से वास्ता पड़ता रहा है। गांवों पर शासन और मतदान को लेकर बाद के टकरावों की जड़ इसी अनसुलझी स्थिति में है।
कहानी की टाइमलाइन
कोटिया सीमा विवाद: ओडिशा बनाम आंध्र प्रदेश · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



