सांसदों ने महिलाओं की ACL चोटों पर खेल जगत की 'धीमी' प्रतिक्रिया की आलोचना की
मार्च 2024 में ब्रिटेन की संसदीय समिति ने कहा कि महिलाओं की ACL चोटों पर शोध बिखरा और धीमा रहा, और तेज़, समन्वित कदम उठाने की अपील की।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
5 मार्च 2024 को ब्रिटेन के हाउस ऑफ़ कॉमन्स की महिला और समानता समिति ने, जो सभी दलों के सांसदों का समूह है, "Health barriers for girls and women in sport" (खेलों में लड़कियों और महिलाओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी बाधाएँ) नाम की रिपोर्ट जारी की। इसमें देखा गया कि चोटें, किट और किशोरावस्था जैसे मुद्दे महिलाओं की भागीदारी और प्रदर्शन को कैसे प्रभावित करते हैं।
एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) की चोट, यानी घुटने की गंभीर चोट जो खिलाड़ियों को कई महीनों तक मैदान से दूर रख सकती है, पर सांसदों ने कहा कि खेल और स्पोर्ट्स साइंस की प्रतिक्रिया "बिखरी हुई और धीमी" रही है। रिपोर्टों में ऐसे शोध का हवाला दिया गया जिनके अनुसार महिला फ़ुटबॉलरों को ऐसी चोटें पुरुष खिलाड़ियों से तीन से छह गुना ज़्यादा लगती हैं। समिति का तर्क था कि पुरुषों में ऐसी ही समस्या होती तो प्रतिक्रिया तेज़ और बेहतर समन्वित होती। उसने महिलाओं के लिए बनी किट, जिसमें फ़ुटबॉल के जूते भी शामिल हैं, की सीमित उपलब्धता की भी आलोचना की।
रिपोर्ट में बेहतर समन्वय और सरकार तथा खेल संस्थाओं को शामिल करने वाली दीर्घकालिक रणनीति की माँग की गई। इससे फ़ुटबॉल एसोसिएशन जैसे फ़ुटबॉल प्राधिकरणों पर यह शोध करने का दबाव बढ़ा कि महिलाएँ इतनी अधिक प्रभावित क्यों होती हैं। यह बहस आगे चलकर और अध्ययनों का आधार बनी।
कहानी की टाइमलाइन
महिला फ़ुटबॉल में ACL चोटों पर FA की स्टडी · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



