कारोल नावरोकी ने पोलैंड के राष्ट्रपति की शपथ ली, टुस्क के साथ सह-अस्तित्व शुरू
कारोल नावरोकी ने 6 अगस्त 2025 को पोलैंड के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अब उन्हें डोनाल्ड टुस्क की सरकार के साथ सत्ता साझा करनी होगी।
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कारोल नावरोकी ने 6 अगस्त 2025 को पोलैंड के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। यह शपथ नेशनल असेंबली के सामने हुई, यानी सेम और सीनेट के संयुक्त सत्र में। जून 2025 के रनऑफ चुनाव में जीतकर वे आंद्रे दूदा के उत्तराधिकारी बने। उन्हें लॉ एंड जस्टिस पार्टी (PiS) का समर्थन मिला था, और वे एक इतिहासकार के रूप में भी जाने जाते हैं, जो इंस्टिट्यूट ऑफ नेशनल रिमेंबरेंस (IPN) के पूर्व प्रमुख रहे हैं। यह कम्युनिस्ट दौर के रिकॉर्ड सँभालने वाली सरकारी संस्था है।
उनके आने से "कोहैबिटेशन" का दौर शुरू हुआ, यानी राष्ट्रपति और सरकार अलग-अलग खेमों से हैं। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टुस्क का गठबंधन संसद और मंत्रिमंडल पर नियंत्रण रखता है, जबकि राष्ट्रपति के पास कानूनों पर वीटो का अधिकार है और न्यायिक नियुक्तियों पर प्रभाव भी।
जल्द ही रिश्तों में बार-बार टकराव दिखने लगा, खासकर अदालतों और PiS के सालों के बाद न्यायपालिका बदलने की कोशिशों को लेकर। नावरोकी के वीटो के कारण सत्तारूढ़ गठबंधन उनकी सहमति के बिना अपनी कई योजनाएँ पास नहीं करा सकता था। इसी शक्ति-संतुलन ने आगे की राजनीतिक चालों को आकार दिया, जिनमें गठबंधन दलों के बीच बहस और कोन्फ़ेडेरात्सिया जैसे विपक्षी समूहों से बातचीत शामिल है कि शासन कैसे चले और संवैधानिक व्यवस्था में कौन-से बदलाव संभव हैं।
कहानी की टाइमलाइन
PSL का संवैधानिक रीसेट और कॉन्फ़ेडेरात्सिया से बातचीत · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



