गादी आइज़ेनकोट ने नेशनल यूनिटी छोड़कर बनाई नई पार्टी 'यशर'
इज़रायल के पूर्व सेना प्रमुख गादी आइज़ेनकोट ने 2025 में बेनी गांट्ज़ की नेशनल यूनिटी छोड़कर मध्यमार्गी पार्टी 'यशर' बनाई। निशाना नेतन्याहू को चुनौती देना है।
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इज़रायल के पूर्व सेना प्रमुख (चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़) गादी आइज़ेनकोट ने सितंबर 2025 में 'यशर' नाम की नई राजनीतिक पार्टी बनाई। हिब्रू में 'यशर' का मतलब है "सीधा" या "ईमानदार"। यह क़दम तब आया, जब उन्होंने बेनी गांट्ज़ के नेतृत्व वाले नेशनल यूनिटी गठबंधन को छोड़ दिया और घोषणा की कि वे केनेसेट (इज़रायल की संसद) से इस्तीफ़ा देंगे।
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद आइज़ेनकोट युद्धकालीन सरकार में रहे थे। नेशनल यूनिटी से उनके जाने की वजह यह मानी गई कि उनके हिसाब से पार्टी पर गांट्ज़ का दबदबा था। पार्टी के शुरुआती कार्यक्रम में उन्होंने सार्वजनिक जीवन से आए लगभग 120 संस्थापकों की सूची रखी और साफ़-सुथरे शासन व जन-जवाबदेही पर ज़ोर दिया।
पार्टी ने ख़ुद को राजनीतिक केंद्र में रखा, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिकुड की अगुवाई वाले गुट के विकल्प के रूप में। यह इसलिए अहम रहा कि इज़रायल के सबसे जाने-माने सुरक्षा चेहरों में से एक आइज़ेनकोट ने 27 अक्टूबर 2026 को तय चुनाव से पहले मध्यमार्गी मतदाताओं को नया विकल्प दिया, और 'यशर' जल्द ही कुछ सर्वेक्षणों में अग्रणी पार्टियों में दिखने लगी।
कहानी की टाइमलाइन
आइज़नकोट की इज़रायली सरकार बनाने की कोशिश · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



