मिस्र की सेना: अवैध सोना खनन के खिलाफ अभियान का तीसरा चरण जारी
मिस्र की सेना ने कहा कि अवैध सोना खोज के खिलाफ अभियान का तीसरा चरण जारी है। इसी बीच सूडानी खनिकों पर हवाई हमलों की खबरें भी आईं।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
अक्टूबर 2026 के मध्य में मिस्र की सेना ने कहा कि पूर्वी रेगिस्तान में अवैध सोना खोज के खिलाफ उसके अभियान का तीसरा चरण जारी है। यह कार्रवाई सशस्त्र बलों ने पुलिस के साथ मिलकर की, और सेना के मुताबिक इलाके में पहले चेतावनी वाले पर्चे गिराए गए थे।
यह अभियान 22 जून 2026 को दक्षिणी सैन्य क्षेत्र में शुरू हुआ था, और दूसरा चरण 2 अगस्त को आया। पहले की कार्रवाइयों में गिरोहों और अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान 200 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया।
तीसरे चरण की घोषणा ऐसे समय हुई जब सूडान के एक मानवाधिकार समूह, इमरजेंसी लॉयर्स, ने कहा कि विमानों ने उत्तरी सूडान में छोटे स्तर के सोना खनिकों पर हमला किया। समूह के अनुसार कम से कम 72 लोग मारे गए, जबकि बचे लोग इससे ज़्यादा संख्या बताते हैं। समूह ने मिस्र की वायुसेना को ज़िम्मेदार ठहराया, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। न मिस्र और न सूडान ने सार्वजनिक रूप से बताया कि हमले किसने किए, और मिस्र के बयान ने सूडान के अंदर हमलों की न पुष्टि की, न खंडन। सटीक जगह को लेकर रिपोर्टें अलग-अलग रहीं। इस घटना से एक विवादित सीमा क्षेत्र को लेकर काहिरा और खार्तूम के रिश्तों पर चिंता बढ़ी है।
कहानी की टाइमलाइन
मिस्र सेना का अवैध सोना खनन विरोधी अभियान · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।



