डीआर कांगो के इतुरी में बुंदीबुग्यो इबोला का नया प्रकोप घोषित
मई 2026 में डीआर कांगो ने बुंदीबुग्यो वायरस से फैले अपने 17वें इबोला प्रकोप की घोषणा की, जब इतुरी और उत्तरी किवु में मामले पुष्ट हुए।
यह सार AI ने संदर्भ पूरा करने के लिए लिखा है; यह किसी ताज़ा स्रोत पर आधारित नहीं है।
15 मई 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों ने पूर्वी प्रांतों इतुरी और उत्तरी किवु में मामले पुष्ट होने के बाद इबोला के नए प्रकोप की घोषणा की। यह देश का 17वाँ इबोला प्रकोप था। जाँच में पता चला कि इसकी वजह बुंदीबुग्यो वायरस है, जो ज़ैरे स्ट्रेन की तुलना में दुर्लभ प्रजाति है। पहले के ज़्यादातर प्रकोप ज़ैरे स्ट्रेन से हुए थे। बाद में दक्षिणी किवु में भी मामले पुष्ट हुए।
शुरुआती रिपोर्टों में सैकड़ों संदिग्ध मामलों और दर्जनों मौतों का ज़िक्र था। प्रकोप पड़ोसी देश युगांडा तक भी पहुँच गया। 17 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन स्थिति घोषित किया, जो उसका सबसे ऊँचा अलर्ट स्तर है। कुछ रिपोर्टें इस घोषणा की तारीख़ 16 मई बताती हैं।
यह प्रकोप इसलिए अहम रहा क्योंकि ज़ैरे स्ट्रेन के उलट बुंदीबुग्यो के लिए कोई लाइसेंस-प्राप्त वैक्सीन या विशिष्ट इलाज नहीं है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों के पास साधन सीमित रहे। प्रभावित इलाका संघर्ष और आबादी के पलायन से भी जूझ रहा है, जिससे संपर्कों की पहचान और इलाज मुश्किल हो जाता है। जुलाई 2026 के अंत तक डीआर कांगो में पुष्ट मामले 3,000 से ऊपर निकल गए, जिससे यह अब तक के सबसे घातक इबोला प्रकोपों में से एक बन गया।
कहानी की टाइमलाइन
DR कांगो में इबोला प्रकोप और ब्रिटेन का मामला · 3 घटनाएँ
इस ख़बर से पहले और बाद में क्या हुआ। पहले न बताई गई पृष्ठभूमि की घटनाएँ AI ने संक्षेप में लिखी हैं।
